प्राधिकरण का गठन - WDRA
Composition of the Authority
प्राधिकरण का गठन
भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण (डब्ल्यूडीआरए) का गठन 26 अक्टूबर, 2010 को भांडागारण (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2007 के अधीन भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 26 अक्टूबर, 2010 द्वारा किया गया था । अधिनियम में भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान है जो (अधिनियम के अन्तर्गत इसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर) भांडागारों के विकास और विनियमन, भांडागार रसीदों की परक्राम्यता तथा देश में भांडागारण व्यवसाय के सुचारु विकास के लिए और अधिनियम, नियम एवं विनियमों के तहत सौपें गए कार्य करेगा ।
यह प्राधिकरण, खाद्य और सार्वजनिक विभाग, भारत सरकार के अधीन एक सांविधिक निकाय है । प्राधिकरण का मुख्यालय, नई दिल्ली में स्थित है ।
प्राधिकरण में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष तथा दो सदस्य हैं । अध्यक्ष का पद श्रीमती अनीता प्रवीण , आईएएस के द्वारा दिनांक 05.12.2024 को ग्रहण किया गया है |
1.श्रीमति अनीता प्रवीण ,अध्यक्ष

सुश्री अनीता प्रवीण (आई.ए.एस. 89 : तमिलनाडु) (सेवानिवृत्त) ने 5 दिसंबर, 2024 को भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। इससे पूर्व वे भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थी तथा 30.11.2024 को सेवानिवृत्त हुईं।
आपने भारत सरकार तथा तमिलनाडु सरकार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य के रूप में 35 वर्ष से अधिक सेवा करने का समृद्ध एवं विविध अनुभव है।
सुश्री अनीता प्रवीण ने तमिलनाडु राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए राज्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होनें व्यय, योजना तथा विकास विभाग की सचिव के रूप में तथा शहरी विकास के विभिन्न निकायों, उद्योग जगत तथा सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएँ अर्पित की।
आपने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तीन वर्ष के लिए वाणिज्य विभाग, भारत सरकार में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया।
तत्पश्चात आपको भारत सरकार के संचार मंत्रालय में अपर सचिव के रूप में पदोन्नत किया गया तथा वहां आपने तीन वर्ष तक कार्य किया। तदउपरांत आपने खाद्य प्रसंस्करण तथा उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार में तीन वर्ष तक विशेष सचिव/सचिव के पद पर असाधारण सेवाएँ प्रदान कीं।
उपर्युक्त के अलावा आपने वाणिज्य विभाग, भारत सरकार में कार्य करते हुए एपीडा के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला।
सुश्री अनीता प्रवीण जन्तुविज्ञान में एम.एस.सी, लोक नीति एवं सतत विकास में एम.ए तथा बिजनेस एडमिनिशट्रेशन में पी.जी डिप्लोमा धारक हैं।
2.श्री शांति लाल जैन ,सदस्य
श्री शांति लाल जैन ने 24 मार्च 2025 को भंडारण विकास और विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखने वाले श्री जैन बैंकिंग डिजिटल परिवर्तन, परिचालन उत्कृष्टता और वित्तीय रणनीति म विशेषज्ञता रखते हैं।
WDRA से पहले, उन्होंने 1 सितंबर 2021 से 31 दिसंबर 2024 तक इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) के रूप में कार्य किया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में बैंक ने महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धियाँ हासिल कीं, अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और उद्योग में व्यापक मान्यता प्राप्त की। उन्होंने प्रोजेक्ट WAVE (ग्राहक अनुभव को बढ़ाने के लिए डिजिटल बैंकिंग समाधान) और IND PRIDE (उच्च प्रदर्शन संस्कृति को बढ़ावा देने वाली एचआर पहल) जैसी प्रमुख पहलों का नेतृत्व किया। उनके रणनीतिक नेतृत्व में, इंडियन बैंक ने योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और दीर्घकालिक अवसंरचना बांड के माध्यम से ₹14,000 करोड़ जुटाए, जिससे बैंक की पूंजी आधार और विस्तार योजनाएँ मजबूत हुईं।
उनके कार्यकाल के दौरान, इंडियन बैंक को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए, जैसे "बेस्ट BFSI ब्रांड" (द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा), "DSIJ बैंकिंग अवार्ड – सबसे तेजी से बढ़ता बैंक (PSB श्रेणी)", और "BFSI क्षेत्र में सबसे पसंदीदा कार्यस्थल 2023-24"।
इंडियन बैंक का नेतृत्व करने से पहले, श्री जैन 2018 से 2021 तक बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक रहे, जहाँ उन्होंने विजया बैंक और देना बैंक के सफल विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यक्षेत्र में बड़े कॉर्पोरेट ऋण, तनावग्रस्त परिसंपत्तियाँ और अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की विभिन्न सहायक कंपनियों (युगांडा और तंजानिया में) में नामित निदेशक/अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
उन्होंने 1993 में इलाहाबाद बैंक में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपने बैंकिंग करियर की शुरुआत की और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), मुख्य जोखिम अधिकारी (CRO) और अंचल प्रमुख जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। बैंकिंग उद्योग में उनके योगदान में भारतीय बैंक संघ (IBA) के उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करना और कॉर्पोरेट ऋण, मानव संसाधन, और वित्त पर विभिन्न IBA समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना शामिल है। वह यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे।
एक प्रतिष्ठित पेशेवर के रूप में, श्री जैन वाणिज्य में स्नातकोत्तर डिग्री धारक हैं और चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, और भारतीय बैंकिंग संस्थान के प्रमाणित सहयोगी (CAIIB) हैं।



